Jagruti की फ्रैंचाइज़ योजना: 2030 तक 51 केंद्रों का लक्ष्य
Jagruti Rehabilitation Centre ने कंपनी-संचालित फ्रैंचाइज़ मॉडल प्रस्तावित किया है। प्रति केंद्र 1.5–2 करोड़ रुपये का सांकेतिक निवेश बताया गया है।
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Jagruti Rehabilitation Centre ने मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति उपचार और बुजुर्गों की देखभाल सेवाओं में विस्तार के लिए फ्रैंचाइज़ योजना पेश की है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक 51 केंद्रों और लगभग 4,240 बिस्तरों तक पहुंचना है। प्रस्तावित व्यवस्था में फ्रैंचाइज़ साझेदार केंद्र का स्वामी होगा, जबकि संचालन कंपनी संभालेगी।
पुणे से शुरुआत, अब 51 केंद्रों की योजना
28 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित FranchiseTV की रिपोर्ट के अनुसार, Jagruti की स्थापना 2008 में पुणे में हुई थी। कंपनी ने बताया कि वह 16 केंद्र संचालित कर रही है, जिनमें लगभग 1,400 बिस्तर हैं। उसने अब तक 82,000 से अधिक मरीजों का उपचार करने की भी जानकारी दी है। ये आंकड़े कंपनी की ओर से बताए गए हैं।
Franchise India के एक वेबिनार में कंपनी के नेतृत्व ने विस्तार की योजना और संभावित साझेदारों के लिए प्रस्तावित ढांचे पर चर्चा की। इस योजना में केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ बिस्तरों की क्षमता बढ़ाना भी शामिल है। वित्त वर्ष 2030 का लक्ष्य मौजूदा नेटवर्क की तुलना में कहीं बड़े संचालन की तैयारी दर्शाता है, लेकिन इसे स्थापित केंद्रों की वर्तमान संख्या नहीं समझना चाहिए।
भारतीय फ्रैंचाइज़ समुदाय के लिए इस घोषणा का मुख्य बिंदु स्वास्थ्य और देखभाल सेवाओं में कंपनी द्वारा संचालित साझेदारी का प्रस्ताव है। यहां निवेश का अवसर केवल परिसर तैयार करने तक सीमित समझने के बजाय, उपचार और देखभाल से जुड़े संचालन की जिम्मेदारियों के साथ परखा जाना चाहिए।
स्वामित्व साझेदार का, संचालन कंपनी का
Jagruti ने फ्रैंचाइज़-स्वामित्व, कंपनी-संचालित मॉडल प्रस्तावित किया है। इसके तहत साझेदार केंद्र में निवेश और स्वामित्व की भूमिका निभाएगा तथा कंपनी संचालन संभालेगी। यह उस व्यवस्था से अलग है जिसमें फ्रैंचाइज़ साझेदार स्वयं दैनिक कामकाज का संचालन करता है। फिलहाल इसे प्रस्तावित मॉडल के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
कंपनी-संचालित व्यवस्था पर विचार करने वाले निवेशक के लिए सबसे जरूरी प्रश्न जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा है। समझौते में यह देखना उपयोगी होगा कि परिसर की तैयारी, उपकरण, रखरखाव, कर्मचारियों और दैनिक खर्चों की जिम्मेदारी किस पक्ष की होगी। संचालन कंपनी के पास होने का अर्थ यह मान लेना नहीं होना चाहिए कि साझेदार की सभी वित्तीय या अनुबंध संबंधी जिम्मेदारियां समाप्त हो जाएंगी।
इसी तरह, मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति और बुजुर्ग देखभाल को एक जैसी सेवा मानकर मूल्यांकन करने से बचना चाहिए। संभावित साझेदार को लिखित रूप से समझना चाहिए कि उसके प्रस्तावित केंद्र में कौन-सी सेवाएं उपलब्ध होंगी और उनके संचालन का दायरा क्या होगा। ये निवेश से पहले पूछे जाने वाले प्रश्न हैं, घोषित अनुबंध की शर्तें नहीं।
1.5–2 करोड़ रुपये का सांकेतिक निवेश
वेबिनार में नेतृत्व ने लगभग 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये के सांकेतिक निवेश की चर्चा की। केंद्र के लिए लगभग 12,000 से 20,000 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता बताई गई। ये दोनों विवरण संभावित साझेदार को शुरुआती स्तर पर बजट और परिसर की उपयुक्तता जांचने का आधार देते हैं।
हालांकि, सांकेतिक निवेश को हर स्थान के लिए अंतिम लागत नहीं मानना चाहिए। किसी प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले साझेदार को खर्चों का मदवार विवरण मांगना चाहिए। इसमें यह स्पष्ट हो कि बताई गई राशि में कौन-कौन से खर्च शामिल हैं, कौन से अलग होंगे और केंद्र शुरू होने के बाद कार्यशील पूंजी की व्यवस्था कैसे की जाएगी।
परिसर के आकार को भी केवल उपलब्ध वर्ग फुट के आधार पर नहीं परखना चाहिए। कंपनी से प्रस्तावित सेवाओं के अनुरूप भवन की आवश्यकताओं, बदलावों और उपयोग की शर्तों का लिखित विवरण लेना व्यावहारिक कदम होगा। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े केंद्र के लिए लागू अनुमतियों और अनुपालन की स्वतंत्र जांच भी निवेश मूल्यांकन का हिस्सा होनी चाहिए।
विस्तार लक्ष्य और निवेश निर्णय अलग रखें
51 केंद्रों और लगभग 4,240 बिस्तरों का लक्ष्य कंपनी की विस्तार महत्वाकांक्षा बताता है। इससे किसी विशेष केंद्र की आय, लाभ या निवेश वापसी अपने आप तय नहीं होती। इसी तरह, कंपनी द्वारा बताया गया कुल उपचारित मरीजों का आंकड़ा किसी नए स्थान पर संभावित मांग का विकल्प नहीं है।
संभावित साझेदार को स्थानीय जरूरत, प्रस्तावित सेवा दायरे और केंद्र के वित्तीय अनुमानों को अलग-अलग जांचना चाहिए। कंपनी-संचालित मॉडल में प्रदर्शन की जानकारी मिलने की प्रक्रिया, खर्चों की निगरानी और समझौता समाप्त करने की शर्तें भी स्पष्ट कराना उपयोगी होगा।
व्यावहारिक सीख: Jagruti की योजना पर विचार करते समय पहले लिखित लागत विवरण, संचालन संबंधी जिम्मेदारियां और लागू अनुमतियां जांचें। विस्तार के लक्ष्य को अवसर का शुरुआती संकेत मानें, सुनिश्चित प्रतिफल का आधार नहीं।
स्रोत
- जयपुर में Petpooja फ्रैंचाइज़ कॉन्क्लेव: मौके पर समझौतों का दावा
- Pune Franchise Show Brought Franchise Brands and Investors Under One Roof For Power Pack Collaborations - FranchiseTv
- Restaurant+franchise | Tag | hospitality
- FranchiseTV Exclusive: Coffee Buddy Opens New Outlet at Bangalore - FranchiseTv
- Fiagro’s Pizza Opens New Outlet in Bangalore - FranchiseTv
- Jagruti Rehabilitation Centre Targets 51 Centres With Its Healthcare Franchise Expansion Plan - FranchiseTv



