K Hospitality का 40 नए रेस्तरां का लक्ष्य, खुद करेगी संचालन
K Hospitality इस वित्त वर्ष करीब 40 रेस्तरां जोड़ना चाहती है। मौजूदा विस्तार में कंपनी फ्रैंचाइज़ के बजाय अपने स्वामित्व वाले संचालन को प्राथमिकता देगी।
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K Hospitality ने चालू वित्त वर्ष में करीब 40 नए रेस्तरां खोलकर अपना रेस्तरां नेटवर्क 100 आउटलेट तक पहुंचाने की योजना बताई है। भारतीय फ्रैंचाइज़ समुदाय के लिए इस घोषणा का महत्वपूर्ण पहलू विस्तार का तरीका है: समूह फिलहाल कंपनी के स्वामित्व वाले संचालन को प्राथमिकता देगा। साथ ही, उसने वित्त वर्ष 2029-30 तक पूरे नेटवर्क की बिक्री 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई है।
बिक्री का लक्ष्य और उसका दायरा
28 अक्टूबर को प्रकाशित पीटीआई की रिपोर्ट में K Hospitality Corp और Kliff Ventures के कार्यकारी निदेशक करण कपूर ने समूह की विकास योजनाओं की जानकारी दी। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में समूह की पूरे नेटवर्क की बिक्री लगभग 3,500 करोड़ रुपये रही। इस आंकड़े में कंपनी के अपने प्रतिष्ठानों के साथ स्वतंत्र फ्रैंचाइज़ या लाइसेंस के तहत चलने वाले प्रतिष्ठानों की बिक्री भी शामिल है।
इसलिए 6,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को केवल कंपनी के स्वामित्व वाले रेस्तरां की बिक्री के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए। इसका दायरा रेस्तरां, संस्थागत भोजन सेवाओं और त्वरित सेवा रेस्तरां तथा लाउंज कारोबार तक फैला हुआ है। यह पूरे नेटवर्क का बिक्री संकेतक है, किसी व्यक्तिगत आउटलेट की आय या फ्रैंचाइज़ भागीदार के संभावित प्रतिफल का अनुमान नहीं।
कपूर ने अगले तीन वर्षों में समूह के लगभग 20 प्रतिशत की दर से बढ़ने की अपेक्षा व्यक्त की। इसी संकेतात्मक वृद्धि के आधार पर उन्होंने 2029-30 तक बिक्री 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना बताई। यह भविष्य का लक्ष्य है, हासिल हो चुका परिणाम नहीं। समूह अपने तीन प्रमुख कारोबारी भागों में 120 से अधिक ब्रांड संचालित करता है, जिनमें Nando’s, Wagamama, Copper Chimney, Irish House और Bombay Brasserie शामिल हैं।
किन शहरों और ब्रांडों में बढ़ेगी मौजूदगी
रेस्तरां विस्तार के लिए समूह का मुख्य ध्यान मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे बड़े महानगरीय बाजारों पर रहेगा। कपूर के अनुसार, चुनिंदा प्रारूपों के जरिए पुणे सहित अन्य प्रमुख शहरों में भी विस्तार किया जाएगा। करीब 40 रेस्तरां जोड़ने और कुल संख्या 100 तक ले जाने की योजना चालू वित्त वर्ष के लिए है।
ब्रांड स्तर पर कंपनी इस वर्ष Nando’s के आउटलेट की संख्या लगभग दोगुनी करके 36 तक पहुंचाना चाहती है। इसके अलावा छह से आठ Copper Chimney और लगभग छह Wagamama रेस्तरां जोड़ने की योजना बताई गई है। ये प्रस्तावित बढ़ोतरी के आंकड़े हैं; इन्हें नए आउटलेट खुल जाने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
समूह का रेस्तरां कारोबार मुख्यतः भारत केंद्रित है। कपूर ने बताया कि इस कारोबार का लगभग 99 प्रतिशत भारत में केंद्रित है और तत्काल प्राथमिकता देश में इसे मजबूत करना है। इस तरह घोषित रेस्तरां योजना का केंद्र भारतीय शहर हैं, जबकि समूह के दूसरे कारोबारी भागों में विदेशों से जुड़ा विस्तार भी शामिल है।
नए विस्तार में फ्रैंचाइज़ के बजाय अपना संचालन
K Hospitality के मौजूदा नेटवर्क की बिक्री में फ्रैंचाइज़ और लाइसेंस वाले प्रतिष्ठान शामिल हैं, लेकिन नई विस्तार रणनीति के लिए कंपनी ने अपने स्वामित्व वाला मॉडल चुना है। कपूर के अनुसार, इससे गुणवत्ता, संचालन, आपूर्ति शृंखला और ग्राहक अनुभव पर अधिक प्रत्यक्ष नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने फ्रैंचाइज़िंग के लाभों को स्वीकार करते हुए कहा कि विकास के वर्तमान चरण में रेस्तरां के बीच एकरूपता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसलिए इस घोषणा को नए रेस्तरां खोलने के लिए व्यापक फ्रैंचाइज़ आमंत्रण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कंपनी का स्पष्ट जोर फिलहाल अपने संचालन पर है।
भारतीय फ्रैंचाइज़ समुदाय के लिए यहां दो अलग बातों को समझना जरूरी है: किसी समूह के मौजूदा कारोबार में फ्रैंचाइज़ की मौजूदगी और उसके अगले विस्तार के लिए चुना गया स्वामित्व मॉडल। दोनों एक जैसे होना आवश्यक नहीं है। नेटवर्क का आकार बढ़ने की खबर अपने आप नए स्वतंत्र फ्रैंचाइज़ अवसर खुलने की पुष्टि नहीं करती।
रेस्तरां के साथ भोजन सेवाओं पर भी ध्यान
समूह की वृद्धि योजना केवल रेस्तरां तक सीमित नहीं है। कपूर ने यात्रा से जुड़े त्वरित सेवा रेस्तरां और लाउंज कारोबार को भी प्राथमिकता बताया। यह विस्तार ट्रैवल फूड सर्विसेज के जरिए भारत और विदेशों के हवाई अड्डों पर आगे बढ़ रहा है।
तीसरी प्राथमिकता बैंक्वेट, कैटरिंग और संस्थागत भोजन सेवाएं हैं। कंपनी कॉरपोरेट पार्कों और आयोजनों की भोजन सेवाओं में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। इसलिए समूह के बिक्री लक्ष्य का आकलन करते समय इन गतिविधियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है; केवल नए रेस्तरां की संख्या पूरी तस्वीर नहीं दिखाती।
व्यावहारिक सीख: संभावित फ्रैंचाइज़ निवेशक किसी बड़े समूह की विस्तार घोषणा को निवेश प्रस्ताव मानने से पहले संबंधित ब्रांड का स्वामित्व मॉडल और भागीदारी की उपलब्धता स्पष्ट करें। K Hospitality की वर्तमान योजना में नए विस्तार की प्राथमिकता कंपनी के अपने संचालन को दी गई है।



