Chai Sutta Bar के 650 से अधिक आउटलेट, फ्रैंचाइज़ से विस्तार
इंदौर से शुरू हुए Chai Sutta Bar का नेटवर्क विदेशों तक पहुंचा। हालिया रिपोर्ट में 650 से अधिक आउटलेट और फ्रैंचाइज़ प्रशिक्षण का उल्लेख है।
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इंदौर में करीब तीन लाख रुपये से शुरू हुआ Chai Sutta Bar अब भारत और विदेशों में 650 से अधिक आउटलेट वाला ब्रांड बन चुका है। नवभारत टाइम्स की छह अक्टूबर, 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, किफायती चाय की पेशकश के साथ विस्तार के लिए ब्रांड ने फ्रैंचाइज़ मॉडल अपनाया। भारत के फ्रैंचाइज़ समुदाय के लिए इसकी यात्रा स्थानीय कारोबार को बड़े नेटवर्क में बदलने का एक उदाहरण है।
इंदौर के पहले आउटलेट से बड़े नेटवर्क तक
रिपोर्ट के मुताबिक, अनुभव दुबे और आनंद नायक सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। दोनों ने नौकरी की तैयारी के बजाय अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया। बाद में राहुल पाटीदार भी उनके साथ जुड़े। तीनों ने वर्ष 2016 में इंदौर में Chai Sutta Bar का पहला आउटलेट शुरू किया, जिसके लिए करीब तीन लाख रुपये का शुरुआती निवेश किया गया था।
यह रकम ब्रांड की शुरुआत से जुड़ी है। इसे आज किसी नए फ्रैंचाइज़ आउटलेट को खोलने की लागत नहीं समझना चाहिए। संभावित साझेदार के लिए दोनों आंकड़ों का फर्क महत्वपूर्ण है: संस्थापकों का शुरुआती निवेश और वर्तमान फ्रैंचाइज़ निवेश अलग-अलग संदर्भ रखते हैं। किसी नए स्थान पर कारोबार की तैयारी वर्तमान शर्तों और खर्च के आधार पर ही की जानी चाहिए।
हालिया रिपोर्ट ब्रांड के नेटवर्क को 650 से अधिक आउटलेट वाला बताती है। यह उसकी मौजूदा पहुंच का विवरण है, किसी नए घोषित विस्तार लक्ष्य का नहीं। इसलिए इस संख्या को आगामी स्टोर खोलने की योजना या हाल में खुले आउटलेट की संख्या के रूप में पढ़ना सही नहीं होगा।
किफायती पेशकश के साथ फ्रैंचाइज़ मॉडल
Chai Sutta Bar ने शुरुआत से किफायती कीमतों पर ध्यान दिया। रिपोर्ट में एक कप चाय की कीमत करीब 15 रुपये और कॉफी की शुरुआती कीमत 20 रुपये बताई गई है। कोल्ड कॉफी तथा शेक्स की कीमत 70 रुपये या उससे अधिक दी गई है। ये आंकड़े ब्रांड की पेशकश का संकेत देते हैं; किसी विशेष आउटलेट पर खरीदारी से पहले वहां की लागू कीमत देखना उचित होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, कम कीमत वाली पेशकश के साथ बड़े स्तर पर पहुंच बनाने के लिए कंपनी ने फ्रैंचाइज़ मॉडल अपनाया। इसमें फ्रैंचाइज़ लेने वालों को आउटलेट शुरू करने से पहले करीब 15 दिन का प्रशिक्षण दिए जाने का भी उल्लेख है। नए साझेदार के लिए तैयारी की यह अवधि कारोबारी मूल्यांकन का एक उपयोगी बिंदु है।
हालांकि, प्रशिक्षण की अवधि जानना और उसका पूरा दायरा समझना अलग बातें हैं। इच्छुक निवेशक को यह पूछना चाहिए कि प्रशिक्षण में किन कामों को शामिल किया जाता है, कितने कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा और आउटलेट खुलने के बाद किस तरह की सहायता उपलब्ध होगी। इन सवालों के जवाब लिखित रूप में लेना निर्णय को अधिक स्पष्ट बना सकता है।
650 से अधिक आउटलेट में विदेशी मौजूदगी भी शामिल
नेटवर्क की संख्या पढ़ते समय उसका भौगोलिक दायरा ध्यान में रखना जरूरी है। रिपोर्ट 650 से अधिक आउटलेट का आंकड़ा दुनिया भर की मौजूदगी के संदर्भ में देती है। इसे केवल भारत में संचालित आउटलेट की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
भारत के बाहर ब्रांड के कनाडा में प्रवेश का उल्लेख है। नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात में भी उसके आउटलेट मौजूद बताए गए हैं। इस तरह इंदौर से शुरू हुई इसकी यात्रा घरेलू बाजार से आगे बढ़ चुकी है। हालांकि, इस मौजूदगी के आधार पर हर देश या शहर में समान कारोबारी नतीजे मान लेना उचित नहीं होगा।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट ब्रांड की कमाई करीब 100 करोड़ रुपये बताती है। इस आंकड़े को किसी एक फ्रैंचाइज़ आउटलेट की बिक्री, शुद्ध लाभ या निवेश पर मिलने वाले प्रतिफल का संकेत नहीं समझना चाहिए। पूरे ब्रांड की वित्तीय तस्वीर और स्थानीय साझेदार की कमाई का आकलन अलग-अलग करना आवश्यक है।
संभावित साझेदार के लिए व्यावहारिक सीख
Chai Sutta Bar की यात्रा में स्थानीय शुरुआत, किफायती उत्पाद और फ्रैंचाइज़ के जरिए बढ़ती पहुंच प्रमुख बिंदु हैं। फिर भी, बड़ा नेटवर्क अपने आप में किसी नए आउटलेट की सफलता की गारंटी नहीं है। निवेश का फैसला प्रस्तावित स्थान और समझौते की शर्तों को समझकर करना चाहिए।
व्यावहारिक सीख यह है कि शुरुआती तीन लाख रुपये या वैश्विक आउटलेट संख्या देखकर निवेश का अनुमान न लगाएं। वर्तमान कुल निवेश, शुल्क, किराया, कार्यशील पूंजी, प्रशिक्षण और संचालन सहायता का लिखित विवरण लें। इसके बाद स्थानीय बिक्री की संभावनाओं और नियमित खर्च की तुलना करके ही आगे बढ़ें।



