Harry Ramsden’s के 60 रेस्तरां की योजना, नए ब्रांड भी तैयार
Harry Ramsden’s ने भारत में कम से कम 60 रेस्तरां की योजना बनाई है। Sourdough & Co., Pho Hoa और Harlem Shake भी फ्रैंचाइज़ विस्तार की तैयारी में हैं।
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भारत के फ्रैंचाइज़ समुदाय में अंतरराष्ट्रीय रेस्तरां ब्रांडों की नई विस्तार योजनाएं सामने आई हैं। ब्रिटेन के Harry Ramsden’s ने अगले दस वर्षों में कम से कम 60 रेस्तरां विकसित करने के लिए मास्टर फ्रैंचाइज़ समझौता किया है। वहीं, Sourdough & Co., Pho Hoa और Harlem Shake ने भी भारतीय बाजार के लिए साझेदारियों या प्रवेश की तैयारियों की घोषणा की है। इन घोषणाओं में विस्तार का दायरा और तैयारी का चरण अलग-अलग है।
Harry Ramsden’s: दस वर्षों में कम से कम 60 रेस्तरां
ब्रिटिश फिश एंड चिप्स ब्रांड Harry Ramsden’s Group ने भारत में प्रवेश के लिए मास्टर फ्रैंचाइज़ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत मास्टर फ्रैंचाइज़ साझेदार Franchise India अगले दस वर्षों में देशभर में कम से कम 60 Harry Ramsden’s रेस्तरां विकसित करेगा। पहला रेस्तरां 2027 की शुरुआत में खोलने की योजना है।
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब ब्रांड 2028 में अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे करने की ओर बढ़ रहा है। भारत में प्रस्तावित विस्तार उसकी वैश्विक विस्तार यात्रा का हिस्सा है। यहां संख्या और समयावधि दोनों घोषित हैं, इसलिए यह खबर केवल बाजार में रुचि जताने तक सीमित नहीं है।
हालांकि, 60 रेस्तरां को मौजूदा भारतीय नेटवर्क नहीं समझना चाहिए। यह अगले दशक के लिए समझौते में निर्धारित विकास लक्ष्य है और पहला स्थान भी अभी प्रस्तावित है। संभावित स्थानीय साझेदारों के लिए अगला व्यावहारिक कदम अपने शहर में उपलब्ध अवसर और मास्टर फ्रैंचाइज़ साझेदार की चयन प्रक्रिया समझना होगा। किसी घोषित राष्ट्रीय लक्ष्य को व्यक्तिगत फ्रैंचाइज़ आवंटन की गारंटी मानना उचित नहीं होगा।
Sourdough & Co.: फ्रैंचाइज़ के जरिए नेटवर्क बनाने की योजना
कैलिफोर्निया की आधुनिक कैजुअल डाइनिंग रेस्तरां श्रृंखला Sourdough & Co. भारतीय बाजार में FranGlobal के सहयोग से प्रवेश कर रही है। ब्रांड की योजना प्रमुख बाजारों में फ्रैंचाइज़ आधारित विस्तार के जरिए अपना आउटलेट नेटवर्क तैयार करने की है।
इस घोषणा में भारत को ब्रांड की वैश्विक फ्रैंचाइज़ यात्रा के लिए रणनीतिक बाजार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कंपनी आगे देश में व्यापक विस्तार चाहती है और अपनी मौजूदगी बनाने के लिए फ्रैंचाइज़ साझेदारियों का उपयोग करेगी। यहां मुख्य खबर प्रवेश के लिए सहयोग और विस्तार के तरीके की है, न कि किसी खुले हुए भारतीय आउटलेट की पुष्टि।
फ्रैंचाइज़ समुदाय के लिए यह अंतर अहम है। राष्ट्रीय विस्तार की मंशा से किसी विशेष शहर में अवसर उपलब्ध होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए। इच्छुक उद्यमियों को बातचीत में स्थान की मंजूरी, संचालन की जिम्मेदारी, प्रशिक्षण और आपूर्ति व्यवस्था जैसे प्रश्न स्पष्ट करने चाहिए। इससे ब्रांड की व्यापक योजना और किसी एक प्रस्तावित रेस्तरां की व्यावहारिक तैयारी को अलग-अलग परखा जा सकेगा।
Pho Hoa: FranGlobal के साथ भारत में प्रवेश
कैलिफोर्निया स्थित वियतनामी डाइनिंग श्रृंखला Pho Hoa भी भारतीय बाजार में प्रवेश कर रही है। इसके लिए उसने Franchise India की फ्रैंचाइज़ सलाहकार इकाई FranGlobal के साथ रणनीतिक सहयोग किया है। यह घोषणा भारत में अंतरराष्ट्रीय भोजन ब्रांडों की नई साझेदारियों में एक और नाम जोड़ती है।
Pho Hoa की खबर का केंद्र उसका भारतीय बाजार में प्रवेश और सहयोगी संस्था है। इसे Harry Ramsden’s के लिए घोषित रेस्तरां संख्या या समयसीमा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। दोनों अलग ब्रांड हैं और उनके लिए घोषित योजनाएं भी अलग हैं। इसी तरह, Sourdough & Co. और Pho Hoa का सहयोगी समान होने से उनके व्यावसायिक समझौते समान नहीं माने जा सकते।
संभावित साझेदारों के लिए उपयोगी तरीका होगा कि वे प्रत्येक ब्रांड से उसके अपने प्रस्ताव की लिखित जानकारी लें। निवेश, स्थान, अनुबंध और संचालन से जुड़े निर्णय ब्रांड-विशिष्ट शर्तों पर आधारित होने चाहिए, किसी दूसरे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की विस्तार घोषणा पर नहीं।
Harlem Shake: क्षेत्रीय साझेदारी के अवसर
न्यूयॉर्क के हार्लेम का फास्ट कैजुअल डाइनिंग ब्रांड Harlem Shake भारतीय बाजार में प्रवेश की तैयारी कर रहा है। इस पहल में Franchise India के साथ रणनीतिक सहयोग और FranGlobal की सलाहकारी भूमिका है। ब्रांड भारत के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय मास्टर फ्रैंचाइज़ और एरिया डेवलपमेंट अवसर पेश कर रहा है।
इस घोषणा की खास बात अवसरों का क्षेत्रीय स्वरूप है। किसी एक आउटलेट में रुचि रखने वाले उद्यमी और बड़े भौगोलिक क्षेत्र में विकास की जिम्मेदारी लेने वाले साझेदार को अपनी अपेक्षाएं शुरुआत में ही स्पष्ट करनी चाहिए। बातचीत में क्षेत्र का दायरा, विकास संबंधी दायित्व और अनुबंध की शर्तें समझना जरूरी होगा।
इन चार घोषणाओं को एक साथ देखने पर भारत में अंतरराष्ट्रीय रेस्तरां ब्रांडों की फ्रैंचाइज़ योजनाओं के अलग-अलग चरण सामने आते हैं: कहीं संख्या और समयसीमा सहित समझौता है, तो कहीं प्रवेश और साझेदारियां विकसित करने की तैयारी।
व्यावहारिक सीख: घोषित विस्तार लक्ष्य को खुले हुए आउटलेट न मानें। निवेश से पहले अधिकृत साझेदार, उपलब्ध क्षेत्र, कुल लागत और अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियों की लिखित पुष्टि लें।



