Century 21 की भारत में 1,500 कार्यालय खोलने की योजना
Century 21 ने भारत के लिए 126 क्षेत्रों वाला फ्रैंचाइज़ मॉडल तैयार किया है। पांच वर्षों में लगभग 1,500 कार्यालय और 30,000 एजेंट जोड़ने का लक्ष्य है।
प्रकाशित

अमेरिका की रियल एस्टेट एजेंट फ्रैंचाइज़ फर्म Century 21 भारत में फ्रैंचाइज़ आधारित विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी की योजना अगले पांच वर्षों में लगभग 1,500 कार्यालयों और 30,000 एजेंटों का नेटवर्क तैयार करने की है। इसके लिए भारत को 126 क्षेत्रों में बांटा गया है, जहां उद्यमियों को क्षेत्रीय अधिकार लेकर अपना नेटवर्क विकसित करने का अवसर देने की तैयारी है।
126 क्षेत्रों के आधार पर विस्तार का खाका
बिज़नेस स्टैंडर्ड की 8 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Century 21 यूएई और भारत के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर मैथ्यूज ने कंपनी की भारतीय विस्तार योजना साझा की है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने भारत को 126 क्षेत्रों में विभाजित किया है। उद्यमी और कारोबारी इनमें व्यक्तिगत क्षेत्र हासिल करके Century 21 के साथ अपना रियल एस्टेट नेटवर्क तैयार कर सकेंगे।
इस योजना में विस्तार की जिम्मेदारी केवल कंपनी के स्तर पर नहीं रखी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र हासिल करने वाली फ्रैंचाइज़ इकाइयां आगे अपने नेटवर्क का विस्तार करेंगी। इसी आधार पर कंपनी को पांच वर्षों में लगभग 1,500 कार्यालय और उनसे जुड़े लगभग 30,000 एजेंट होने की उम्मीद है।
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है: 126 का आंकड़ा प्रस्तावित क्षेत्रीय ढांचे का है, जबकि 1,500 का आंकड़ा कार्यालयों के लक्ष्य का। दोनों को समान संख्या में शहरों या चालू परिचालन केंद्रों के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। उपलब्ध विवरण किसी शहरवार कार्यालय सूची की पुष्टि नहीं करता।
पांच साल के लक्ष्य, मौजूदा उपलब्धियां नहीं
मैथ्यूज के मुताबिक, कंपनी की योजना पांच वर्षों के भीतर इन 126 क्षेत्रों को विकसित करके उनके अधिकार बेचने की है। कार्यालयों और एजेंटों के अनुमान के लिए उन्होंने कंपनी के शोध डेटा और फ्रैंचाइज़ अनुभव को आधार बताया है। इसलिए ये आंकड़े भविष्य के लिए कंपनी की अपेक्षाएं हैं, भारत में पहले से स्थापित नेटवर्क की गिनती नहीं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि Century 21 भारत में शुरुआत के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में है। उपलब्ध शोध में जुटाई जा चुकी रकम, संभावित निवेशकों या पूंजी जुटाने की प्रक्रिया पूरी होने की तारीख का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में विस्तार योजना को वित्तपोषण पूरा हो जाने की घोषणा मानना सही नहीं होगा।
भारतीय फ्रैंचाइज़ समुदाय के लिए खबर का मुख्य बिंदु एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड का प्रस्तावित क्षेत्रीय मॉडल है। हालांकि, किसी संभावित भागीदार के लिए लक्ष्य और वास्तविक प्रगति को अलग-अलग देखना जरूरी होगा। अधिकारों की बिक्री, कार्यालयों का खुलना और एजेंटों का जुड़ना अलग चरण हैं; एक की घोषणा बाकी चरण पूरे होने का प्रमाण नहीं है।
भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने की दिशा
Rediff.com की 9 सितंबर 2026 की रिपोर्ट भी Century 21 के भारत में प्रवेश और पांच वर्षों के विस्तार लक्ष्यों का उल्लेख करती है। इसके मुताबिक, कंपनी भारतीय खरीदारों को अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों और अनिवासी भारतीयों को भारत की अचल संपत्तियों से जोड़ना चाहती है।
इससे प्रस्तावित कारोबार की दिशा स्पष्ट होती है: कंपनी का उद्देश्य केवल स्थानीय कार्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय और विदेश से जुड़े ग्राहकों के बीच संपत्ति संबंधी संपर्क तैयार करना भी है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस काम के लिए अलग सेवा शुल्क, विशिष्ट विदेशी बाजारों या ग्राहक सहायता व्यवस्था का ब्योरा नहीं है।
संभावित फ्रैंचाइज़ भागीदारों को इसलिए ब्रांड के अंतरराष्ट्रीय परिचय और भारत में मिलने वाले वास्तविक सहयोग के बीच अंतर समझना चाहिए। ग्राहक संपर्क किस तरह मिलेगा, स्थानीय कार्यालय की जिम्मेदारी क्या होगी और अंतरराष्ट्रीय पूछताछ किस व्यवस्था से संभाली जाएगी—ये निर्णय से पहले पूछे जाने योग्य प्रश्न हैं, घोषित सुविधाएं नहीं।
भागीदारी से पहले किन शर्तों की जांच करें
उपलब्ध शोध में क्षेत्रीय अधिकारों की कीमत, शुरुआती निवेश, नियमित शुल्क, अनुबंध की अवधि या संभावित आय का विवरण नहीं है। इस कारण केवल कार्यालयों और एजेंटों के बड़े लक्ष्यों से किसी फ्रैंचाइज़ की लाभप्रदता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इच्छुक उद्यमियों को प्रस्ताव मिलने पर क्षेत्र की सीमा, विशिष्ट अधिकार, आगे कार्यालय जोड़ने की अनुमति और एजेंट नेटवर्क बनाने की जिम्मेदारी लिखित रूप में समझनी चाहिए। साथ ही प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, ग्राहक संपर्क और स्थानीय परिचालन खर्च पर स्पष्ट जानकारी मांगनी चाहिए। ये जांच के व्यावहारिक बिंदु हैं; उपलब्ध रिपोर्ट इनमें से किसी सुविधा की गारंटी नहीं देती।
व्यावहारिक निष्कर्ष: Century 21 की योजना भारतीय फ्रैंचाइज़ समुदाय के सामने क्षेत्रीय नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखती है। निवेश का निर्णय पांच साल के लक्ष्यों के बजाय लिखित अधिकारों, कुल लागत, वास्तविक सहायता और विस्तार की सत्यापित प्रगति देखकर लें।



